
गौ-आधारित प्राकृतिक खेती में नवाचार का राष्ट्रीय सम्मान, स्वानंद गो विज्ञान केंद्र को मिला “बेस्ट फार्मर अवॉर्ड”
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
गौ-आधारित प्राकृतिक खेती और रसायनमुक्त कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे स्वानंद गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्र को प्रतिष्ठित “बेस्ट फार्मर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान केंद्र की संचालक डॉ. भाग्यश्री भकने और श्री जितेंद्र भकने को “सर्वोत्तम गौ-आधारित उत्पाद निर्माण पद्धति” श्रेणी में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार देशभर से चयनित उन संस्थाओं और कृषकों को दिया गया, जिन्होंने कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. भकने और श्री भकने ने कहा कि भारतीय कृषि की असली ताकत गौवंश और प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली में निहित है। उन्होंने बताया कि उनका केंद्र वर्षों से गोबर, गोमूत्र और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन और सुरक्षित खेती के लिए प्रेरित कर रहा है।

केंद्र द्वारा विकसित गौ-आधारित उत्पाद न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी साबित हो रहे हैं। संस्था नियमित रूप से किसान प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और प्राकृतिक खेती के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
यह सम्मान कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है, जो रसायनमुक्त और सतत खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।
कार्यक्रम में यह सम्मान भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत रीजनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मिंग के प्रादेशिक संचालक डॉ. अजयसिंह राजपूत के हाथों प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ब्रिगेडियर आर. सत्यनारायणन, निदेशक, एनडीआरएफ अकादमी ने अपने संबोधन में कृषि, पर्यावरण और राष्ट्र निर्माण के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए गौ-आधारित सतत खेती को समय की आवश्यकता बताया।
एनडीआरएफ अकादमी में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जुड़े किसान, विशेषज्ञ और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।